गांव नगर मे अक्सर लोग के बिछी मार देला। एह मे बहुत पीरा होला। जवना जगह बिछी मरले रहेला ओहिजा बहुत जलन होला, झनझनाहट होला सुई चुभे जैसन दर्द होला।ई दर्द बहुत तेजी से उपर चढेला। एकर कुछ राम बाण इलाज़ बतावत बानी।
१ फिटकरी सबसे उपयोगी दवा ह। सिलवट के बढिया से साफ करके फिटकरी के चंदन लेखा घिसी तन्नी सा पानी डाल के. जहंवा बिछी मरले बा ओहिजा ई लेप लगा के सेक दी।
२ फिटकरी के तनी गरम कईला पर उ गले लागेला। जब गले लागे त ओकरा के डंक वाला जगह पर चिपका दीं। उ चिपक जाई और पुरा जहर चुसला पर अपने आप छोड़ दी।
३ कभी कभी ना पता चलेला कि बिछी कहंवा मरले बिया खासकर राती खान। और जब तक जगह पर दवाई ना लगे तब तक ओकर असर भी सही ना होला।एह से एगो दोसर इलाज़ ई बा कि सेंधा नमक के तीन गुना पानी मे घोर के रख दी। जेकरा बिच्छू मरले होके ओकरा आँखी मे सलाई से ई पानी लगाईं तुरत जहर उतरल सुरु हो जाई।
४ सेंधा नमक के पीस के कटल प्याज से उठा के डंक वाला जगह पर मलला से भी जहर और डंक दुनू दूर होला।
Tuesday, August 21, 2007
Wednesday, August 8, 2007
हरल भरल चटनी
सामग्री :-
पुदीना -१/२ कप महीन कतरल
निम्बू के रस -२-३ चम्मच
हरियर मरिचा - २-३
चीनी - १ चम्मच
नून स्वाद के अनुसार
बनावे के तरीका:-
निम्बू के रस छोड के सब समान के एक साथे पीस ली। एक कटोरी मे निकाल के निम्बू के रस निमन से मिला ली। लिट्टी आउर निम्की के साथे परोसी।
पुदीना -१/२ कप महीन कतरल
निम्बू के रस -२-३ चम्मच
हरियर मरिचा - २-३
चीनी - १ चम्मच
नून स्वाद के अनुसार
बनावे के तरीका:-
निम्बू के रस छोड के सब समान के एक साथे पीस ली। एक कटोरी मे निकाल के निम्बू के रस निमन से मिला ली। लिट्टी आउर निम्की के साथे परोसी।
Friday, August 3, 2007
चोखा आउर चटनी
चोखा
सामग्री :-
आलू -४
प्याज -१ बड़ा महीन कतरल
हरियर मरिचा -२ गो महीन कतरल
लहशुन -५ जावा महीन कतरल
धनिया पत्ता - १/२ कटोरी महीन कतरल
नून - स्वाद के अनुसार
सरसो तेल - २ चम्मच
तरीका:-
आलू के उसीन ली। अब ओह मे सब समान मिला दी। खूब निमन से सान दी। हो गइल चोखा तैयार।
चटनी
सामग्री :-
धनिया -१ गुच्छा (तकरीबन २०० ग्राम)
लहसुन -१ पुरा (तकरीबन ५० ग्राम)
हरिअर मरिचा -३से ४
खटाई स्वाद अनुसार
नून स्वाद अनुसार
सरसों तेल - २ चम्मच
विधि
सब चीज़ मिला के पीस ली । ऊपर से सरसों तेल मिला ली। हो गइल चटनी तैयार।
सामग्री :-
आलू -४
प्याज -१ बड़ा महीन कतरल
हरियर मरिचा -२ गो महीन कतरल
लहशुन -५ जावा महीन कतरल
धनिया पत्ता - १/२ कटोरी महीन कतरल
नून - स्वाद के अनुसार
सरसो तेल - २ चम्मच
तरीका:-
आलू के उसीन ली। अब ओह मे सब समान मिला दी। खूब निमन से सान दी। हो गइल चोखा तैयार।
चटनी
सामग्री :-
धनिया -१ गुच्छा (तकरीबन २०० ग्राम)
लहसुन -१ पुरा (तकरीबन ५० ग्राम)
हरिअर मरिचा -३से ४
खटाई स्वाद अनुसार
नून स्वाद अनुसार
सरसों तेल - २ चम्मच
विधि
सब चीज़ मिला के पीस ली । ऊपर से सरसों तेल मिला ली। हो गइल चटनी तैयार।
Thursday, August 2, 2007
लिट्टी
सामग्री:-
आटा -१/२ किलो
घी -१/२ करछुल
नून -२ चुटकी
भरे खातिर :-
बुंट के सतुवा -१५० ग्राम
अदरक - १ टुकडा [२ इंच के]
लहसुन - १ पुरा
अचार के मसाला - १ मरिचा के पुरा
खटाई - १ निम्बू के रस चाहे आम्चुर १ छोटा चम्मच
हरियर मरिचा -स्वाद के अनुसार
धनिया के पत्ता १/२ कटोरी महीन कतरल
प्याज -२गो बड़का
सरसो के तेल -२ चम्मच
नून - स्वाद के अनुसार
बनावे के तरीका:-
आटा मे घी आउर नून मिलाके खूब कडा सान ली.अब प्याज, अदरक के कद्दुक्श कर ली। हरियर मरिचा आउर लहुसन के खूब महीन कतर ली। अब एगो बरतन मे सतुआ डाल के ओह पर सब मसाला डाल दी । नून आउर सरसो के तेल मिला के सान ली। आटा के छोट-छोट लोइया बना कर कटोरी के आकार दी। अब ओह कटोरी मे सतुवा १ चम्मच भर दी। कटोरी के मुँह बंद कर दी। अगर रउवा लगे तंदूर होखे त ओह मे सेक ली अगर ना त गोंईठाँ मिल सके त उहे जला कर निमना से सेक ली। चारु ओर से गुलाबी सेकाये के चाही।
लिट्टी के साथे चोखा आउर चटनी परोसाला.
आटा -१/२ किलो
घी -१/२ करछुल
नून -२ चुटकी
भरे खातिर :-
बुंट के सतुवा -१५० ग्राम
अदरक - १ टुकडा [२ इंच के]
लहसुन - १ पुरा
अचार के मसाला - १ मरिचा के पुरा
खटाई - १ निम्बू के रस चाहे आम्चुर १ छोटा चम्मच
हरियर मरिचा -स्वाद के अनुसार
धनिया के पत्ता १/२ कटोरी महीन कतरल
प्याज -२गो बड़का
सरसो के तेल -२ चम्मच
नून - स्वाद के अनुसार
बनावे के तरीका:-
आटा मे घी आउर नून मिलाके खूब कडा सान ली.अब प्याज, अदरक के कद्दुक्श कर ली। हरियर मरिचा आउर लहुसन के खूब महीन कतर ली। अब एगो बरतन मे सतुआ डाल के ओह पर सब मसाला डाल दी । नून आउर सरसो के तेल मिला के सान ली। आटा के छोट-छोट लोइया बना कर कटोरी के आकार दी। अब ओह कटोरी मे सतुवा १ चम्मच भर दी। कटोरी के मुँह बंद कर दी। अगर रउवा लगे तंदूर होखे त ओह मे सेक ली अगर ना त गोंईठाँ मिल सके त उहे जला कर निमना से सेक ली। चारु ओर से गुलाबी सेकाये के चाही।
लिट्टी के साथे चोखा आउर चटनी परोसाला.
Wednesday, August 1, 2007
बादाम के शरबत
सामग्री :-
१ /४ कप बादाम - रात भर के भिगावल
१/२ छोटका चम्मच - केवडा के सत
छोटकी इलैची - २गो
१/२ कप - चीनी
१ -१/२ कप - पानी
गुलाब के पंखुडी - सजावे खातिर
बनावे के तरीका:-
बादाम के महीन पीस ली। पानी,केवडा,इलैची आउर चीनी मिला कर बढिया से घोर दी।
अगर मिक्सी बा त ओही मे घोरी। छान के ठण्डा कर दी फ्रीज मे। गुलाब के पंखुडी से सजा कर परोसी।
१ /४ कप बादाम - रात भर के भिगावल
१/२ छोटका चम्मच - केवडा के सत
छोटकी इलैची - २गो
१/२ कप - चीनी
१ -१/२ कप - पानी
गुलाब के पंखुडी - सजावे खातिर
बनावे के तरीका:-
बादाम के महीन पीस ली। पानी,केवडा,इलैची आउर चीनी मिला कर बढिया से घोर दी।
अगर मिक्सी बा त ओही मे घोरी। छान के ठण्डा कर दी फ्रीज मे। गुलाब के पंखुडी से सजा कर परोसी।
आम के शरबत
सामग्री:-
कच्चा आम के गुदा ---२ कप
अदरक के रस --- २-३ बूंद
चीनी --- एक करछुल[१ टेबल स्पुन]
पुदीना के पत्ता ---२-३
नून आउर कालीमिर्च --- स्वाद के मुताबिक
निम्बू के रस --- ५ बूंद
बर्फ
बनावे के तरीका:-
आम के गुदा के मिक्सी आ चाहे सिलवट पर पीस ली। जग मे बर्फ डाल के आम के गुदा डाली ओह्मे नून,चीनी, कालीमिर्च के बुकनी, अदरक के रस आउर निम्बू के रस मिला दी। खूब बढिया से घोर दी। आउर ठंडे ठंडे गिलास मे परोस दी।
ई शरबत के अगर दोसरा बिधि से बनावे के बा त कच्चा आम के जगह पाक्लो आम लिया सकेला आउर चाहे त कांचे आम्वा के उसीन के भी बन सकेला।
कच्चा आम के गुदा ---२ कप
अदरक के रस --- २-३ बूंद
चीनी --- एक करछुल[१ टेबल स्पुन]
पुदीना के पत्ता ---२-३
नून आउर कालीमिर्च --- स्वाद के मुताबिक
निम्बू के रस --- ५ बूंद
बर्फ
बनावे के तरीका:-
आम के गुदा के मिक्सी आ चाहे सिलवट पर पीस ली। जग मे बर्फ डाल के आम के गुदा डाली ओह्मे नून,चीनी, कालीमिर्च के बुकनी, अदरक के रस आउर निम्बू के रस मिला दी। खूब बढिया से घोर दी। आउर ठंडे ठंडे गिलास मे परोस दी।
ई शरबत के अगर दोसरा बिधि से बनावे के बा त कच्चा आम के जगह पाक्लो आम लिया सकेला आउर चाहे त कांचे आम्वा के उसीन के भी बन सकेला।
Friday, July 27, 2007
भोजपुरी भाषा
भोजपुरी भाषा "बौध धर्म" के जैसन बा। ई केतना बड़ा विडम्बना बा कि बिहार के पैदाइश बौध धर्म और भोजपुरी भाषा के अनुयायी आ कहल जाव कि माने या बोले वाला लोग बिहार या भारत मे बहुत कम लोग बा। जैसे बौध धर्म भारत के बहार श्रीलंका, मलेशिया, इन्दोनेसिया, चीन, जापान और तिब्बत मे जेतना प्रचलित बा ओतना भारत मे नइखे। वैसे ही भोजपुरी भाषा ह। ई जेतना बिहार में नइखे बोलल जात ओतना बिहार से बाहर दिल्ली, कलकत्ता, मुम्बई और भारत से बाहर मौरिसस, फीजी और जहाँ -जहाँ गिरमिटिया मजदूर लोग गईल ऊहा सबसे ज्यादा बोलल जाता।
ई भाषा त धान के जैसन बा जे उगल कहीँ उप्जल कहीँ। जरुरत बा एह के बढावा देवे के। भारत के भीतर एकर इतना प्रचार करे के कि दुगो बिहारी आपस मे भोजपुरी मे बतियावे मे लजाए ना। जबरदस्ती ना आव्ते हुए भी हिंदी के टांग तुरे से बच सके लोग। टुटल फुटल हिंदी बोलला से ज्यादा अच्छा बा निमन भोजपुरी बोलल। जब दुगो पंजाबी के पंजाबी बोले मे लाज नइखे लागत, दुगो मद्रासी के तमिल बोले मे लाज नइखे लागत त दुगो बिहारी भोजपुरी बोले मे काहे लजाए। इहे भाषा के प्रति झिझक भोजपुरी के डुबवलॅ बा। ना त जवन देश के संसद मे ३०% नेता बिहार और पुर्वी उत्तर प्रदेश से बाटे लोग ओ देश मे भोजपुरी भाषा के अइसन अपमान ?
भोजपुरी के नौजवान लोग के ई आपन दायित्व समझे के चाहीं कि अब से भी अपना भाषा के प्रति लोगन के बीच मे जागरूकता फैलाइं, खुद भी भोजपुरी मे बतियांई और भोजपुरी भाषा के एगो सम्मानीय भाषा के दर्जा दिलाई।
ई भाषा त धान के जैसन बा जे उगल कहीँ उप्जल कहीँ। जरुरत बा एह के बढावा देवे के। भारत के भीतर एकर इतना प्रचार करे के कि दुगो बिहारी आपस मे भोजपुरी मे बतियावे मे लजाए ना। जबरदस्ती ना आव्ते हुए भी हिंदी के टांग तुरे से बच सके लोग। टुटल फुटल हिंदी बोलला से ज्यादा अच्छा बा निमन भोजपुरी बोलल। जब दुगो पंजाबी के पंजाबी बोले मे लाज नइखे लागत, दुगो मद्रासी के तमिल बोले मे लाज नइखे लागत त दुगो बिहारी भोजपुरी बोले मे काहे लजाए। इहे भाषा के प्रति झिझक भोजपुरी के डुबवलॅ बा। ना त जवन देश के संसद मे ३०% नेता बिहार और पुर्वी उत्तर प्रदेश से बाटे लोग ओ देश मे भोजपुरी भाषा के अइसन अपमान ?
भोजपुरी के नौजवान लोग के ई आपन दायित्व समझे के चाहीं कि अब से भी अपना भाषा के प्रति लोगन के बीच मे जागरूकता फैलाइं, खुद भी भोजपुरी मे बतियांई और भोजपुरी भाषा के एगो सम्मानीय भाषा के दर्जा दिलाई।
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